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राजनीति / मप्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की मांग- प्रियंका गांधी को हमारे यहां से राज्यसभा भेजा जाए; अब सोनिया गांधी निर्णय लेंगी

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भोपाल. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाद अब राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ने भी प्रियंका गांधी वाड्रा को अपने यहां से राज्यसभा भेजे जाने की मांग की है। अब इस संबंध में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी निर्णय लेंगी। 9 अप्रैल को मध्य प्रदेश और राजस्थान में 3-3 और छत्तीसगढ़ में 2 सीटें खाली हो रही हैं। अगले सप्ताह तक चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। 

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने बुधवार को कहा कि राजस्थान समेत सभी कांग्रेस शासित राज्य प्रियंका को एक सांसद के रूप में राज्यसभा भेजने के इच्छुक हैं। कहा- अंतिम निर्णय प्रियंका और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष को लेना है।" पांडेय ने दिल्ली में सोनिया गांधी के साथ बैठक में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। पांडेय ने कहा- हालांकि बैठक में राज्यसभा के संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई। 

इधर, मध्य प्रदेश में 2 दिन पहले प्रदेश सरकार में मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्द्धन सिंह, जीतू पटवारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने प्रियंका को यहां से राज्यसभा में भेजे जाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा है कि इसका फैसला पार्टी अध्यक्ष को लेना है। 


मध्य प्रदेश से अप्रैल में राज्यसभा की 2 सीट भाजपा और 1 सीट कांग्रेस के सदस्य का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हो रही हैं। कांग्रेस के लिए इसमें फायदे की बात ये है कि उसके अब 2 सदस्य पहुंचेंगे। जबकि भाजपा को 1 सीट मिलेगी। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। जबकि भाजपा से प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया की सीट खाली होनी है।

सिंधिया-दिग्विजय सिंह के लिए विकल्प तलाशना होगा

कांग्रेस की ओर से अभी राज्यसभा के लिए दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया दावेदार हैं। दोनों ही राजघराने से हैं। प्रियंका को यहां से राज्यसभा भेजा जाता है तो दोनों (दिग्विजय, सिंधिया) में से सिर्फ एक को प्रदेश से मौका मिलेगा। ऐसे में कांग्रेस के पास विकल्प यह भी है कि वह एक सीट पर प्रियंका को राज्यसभा भेजे और सिंधिया-दिग्विजय में से किसी एक को दूसरे प्रदेश से भेज दे। उधर, भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नाम को राज्यसभा भेजे जाने की सुगबुगाहट शुरू हुई है। कहा जा रहा है कि शिवराज को राज्यसभा भेजकर केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। 

ये है राज्यसभा का समीकरण

  • विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राज्यसभा सीट का निर्धारण होता है। 
  • एक राज्यसभा सीट के लिए 58 विधायकों की आवश्यकता होती है। 
  • मप्र में 2 विधायकों के निधन के बाद खाली हुई सीट के अलावा 228 विधायक हैं।
  • विधानसभा मे

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