भोपाल

संकट की घड़ी में सामाजिक जिम्मेदारी संभाली समूह महिलाओं ने। महिला समूह बना रही इको फ्रेंडली और यूज़ एबल मास्क।

भोपाल

 

राजगढ़  ज़िले मे कोरोना वायरस से समाज को सुरक्षित करने के लिए समूह महिलाएं भी आगे आ गई हैं। ज़िले मे कई गांव की महिलाएं इन दिनों मास्क बनाने में जुटी हैं। इन महिलाओ ने  ने पाच हजार से अधिक मास्क तैयार आपूर्ति की हैं। प्रत्येक मास्क को वह 10 रुपये की दर से बाजार में सप्लाई दे रही हैं। 
कोरोना वायरस से अपने क्षेत्र के लोगों को बचाने के लिए जिले के विभिन्न स्व-सहायता समूह की महिलाएं मास्क बना रही हैं। महिला समूहों द्वारा ईको फ्रेंडली और रियूजेबल मास्क तैयार किए जा रहे हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी उपयुक्त हैं। मास्क की गुणवत्ता को देखते हुए अब तक जिले के लगभग सभी विभागों ने मास्क खरीदकर अपने कर्मचारियों और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया है।
आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक  ने बताया कि जिला प्रशासन ने मास्क की आपूर्ति हेतु समूह महिलाओं को जिम्मेदारी देने हेतु निर्देशित किया गया था।  इस जिम्मेदारी को महिलाओं ने स्वीकारते हुए तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है।  राजगढ़ के कालीपीठ, चाटूखेड़ा, संडावता, पढ़ाना, मंडावर, पीलूखेड़ी, मोया, कचनारिया मैं समूह महिलाओं द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। महिलाओं द्वारा निर्मित मास्क की आपूर्ति स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, नगरीनिकाय, ग्राम पंचायत के अलावा सामाजिक संगठनों को भी की गई है।  

महिलाओं द्वारा निर्मित मास्क को  उर्स कमेटी के सदर श्री एहतेशाम सिद्धकी एवं राजगढ़ चौपाल के संयोजक श्री मनोज सिंह हाड़ा ने भी क्रय कर  आम जनों को उपलब्ध कराएं हैं। इस कार्य से न केवल महिलाओं को एक अवसर हासिल हुआ है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी में उनकी भूमिका भी सुनिश्चित हुई है। स्व सहायता समूह की  महिलाओं द्वारा बनाये जा रहे कपड़े के मास्क पर्यावरण अनुकूल है तथा इसे 8 घंटे उपयोग करने के बाद एंटीसेप्टिक युक्त पानी से धोकर फिर से उपयोग किया जा सकता है।