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मनी लॉन्ड्रिंग / यस बैंक फाउंडर राणा कपूर ईडी की हिरासत में, बेटी को लंदन जाने से रोका गया; जांच के घेरे में 2 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट

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मुंबई. नकदी संकट से जूझते यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को रविवार को विशेष अवकाश अदालत ने 11 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। कपूर को शनिवार सुबह ईडी ने पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया था, जांच में सहयोग न करने पर रविवार तड़के 3 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि 2 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट, 44 बेशकीमती पेटिंग्स और 12 शेल कंपनियां ईडी के जांच के दायरे में हैं। राणा कपूर की बेटी रोशनी कपूर को भी मुंबई एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने रोक लिया। वे लंदन जा रही थीं। 

आरबीआई ने कहा- बैंकों के डिपॉजिटर्स का पैसा सुरक्षित

यस बैंक की मौजूदा हालत को देखते हुए रिजर्व बैंक ने देखते हुए यस बैंक के खाताधारकों को 50 हजार रुपए तक ही निकालने की इजाजत दी है। साथ ही बैंक के बोर्ड का कंट्रोल 30 दिन के लिए अपने हाथ में ले लिया है। रिजर्व बैंक ने रविवार को एक ट्वीट किया। रिजर्व बैंक ने कहा कि मीडिया के कुछ धड़ों में बैंकों में जमा डिपॉजिटर्स के पैसों को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है, लेकिन चिंताएं ऐसे एनालिसिस पर आधारित हैं, जो गलत हैं। बैंकों में डिपॉजिटर्स का पैसा सुरक्षित है।

6 मार्च को ईडी ने कपूर के समुद्र महल टॉवर पर छापा मारा था
ईडी के अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनसे साफ होता है कि कपूर परिवार के पास लंदन में भी कुछ संपत्ति है। अब ईडी इस संपत्ति को हासिल करने के िलए इस्तेमाल की कई रकम का सोर्स तलाश रही है। ईडी ने कपूर के खिलाफ कार्रवाई शुक्रवार को शुरू की थी। इसी दिन देर रात को उनके घर पर छापा मारा था। जांच एजेंसी की टीम ने मुंबई के समुद्र महल टॉवर स्थित कपूर के घर पर देर रात तक छानबीन की थी।
 

कपूर पर अनियमितताओं का आरोप

यस बैंक के फाउंडर, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राणा कपूर पर कारोबारी घरानों को लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय करने का आरोप है। बैंक अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कारोबारी घरानों को लोन देने में आगे रहा। इन समूहों के डिफॉल्टर साबित होने से बैंक को करारा झटका लगा। 2017 में बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था। जिसके बाद आरबीआई ने बैंक पर लगाम कसना शुरू की। 2018 में आरबीआई ने राणा कपूर के ऊपर कर्ज और बैलेंस शीट में गड़बड़ी के आरोप लगाए। साथ ही, उन्हें चेयरमैन के पद से जबरन हटा दिया। बैंक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी चेयरमैन को इस तरह से हटाया गया हो।

तिरुपति बालाजी ट्रस्ट ने बैंक से 1300 करोड़ निकाले
तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रबंधन देखने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने बताया कि उसने पिछले साल अक्टूबर में ही यस बैंक से 1300 करोड़ रुपए निकाल लिए थे। उधर, जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपए बैंक में अभी भी डिपॉजिट हैं। यह टर्म डिपॉजिट था, जो इसी महीने मेच्योर होना है। इस बीच, आरबीआई ने 3 अप्रैल तक यस बैंक से 50 हजार से ज्यादा विड्रॉल पर रोक लगा दी है। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर के डिपॉजिट की निकासी पर संशय खड़ा हो गया है।

वित्त मंत्री ने कहा- सभी खाताधारकों का पैसा सुरक्षित
इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यस बैंक को बचाने के लिए सरकार और आरबीआई साथ काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने हर खाताधारक को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और वे लगातार आरबीआई के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बैंक के लिए जल्द ही रिजोल्यूशन प्लान लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई से बात करेंगी कि यस बैंक के जमाकर्ताओं को नकदी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।

एक समय देश के सफलतम बैंकर्स में शामिल थे कपूर
दिल्ली में 9 सितंबर 1957 को जन्मे राणा एक समय देश के सफलतम बैंकर्स की लिस्ट में शामिल थे। पढ़ाई के दौरान उन्हें ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) की तरफ से मानद फैलोशिप, रटगर्स यूनिवर्सिटी न्यूजर्सी से प्रेसिडेंट मेडल और जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर से मानद फेलोशिप मिल चुकी है। उनके परिवार में पत्नी बिंदू कपूर और तीन बेटियां राधा, राखी और रोशनी हैं।