none

विदेश / नेपाल ने नई एनजीओ नीति बनाई, भारतीय सीमा पर मौजूद विदेशी फंड से चलने वाले मदरसों की जांच का प्रावधान

none

काठमांडू. भारत और चीन के साथ संबंधों के मद्देनजर नेपाल अपने यहां काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय स्वयं सेवी संस्थाओ (एनजीओ) के लिए नई नीति तैयार कर रहा है। रविवार को अधिकारियों ने बताया कि नई नीति आने के बाद कोई भी एनजीओ ऐसे कार्यक्रम नहीं चला सकेगा जिस पर दोनों पड़ोसी देशों ने आपत्ति जताई हो। इस नीति में भारत की सीमा से सटे इलाकों में संचालित विदेशी फंड लेने वाले मदरसों की जांच का प्रावधान भी होगा।

नई नीति का प्रारूप सोशल वेलफेयर काउंसिल तैयार कर रही है। काउंसिल के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल एनजीओ नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है। नई नीति में सीमावर्ती क्षेत्रों में मदरसे और मोनेस्ट्री चलाने वाले एनजीओ की गतिविधियों को नियंत्रित करने की कोशिश होगी। इसमें देश में नए एनजीओ के पंजीयन से जुड़े प्रावधान भी होंगे।

भारत और चीन ने नेपाल को बताई थी अपनी चिंताएं

भारत और चीन दोनों ही नेपाल में चलने वाले कुछ एनजीओ की कार्यशैली पर सवाल कर चुके हैं। भारत ने कई बार सीमा पार से होने वाली आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को लेकर चिंता प्रकट की, तो वहीं चीन ने नेपाल के रास्ते तिब्बती लोगों के आने-जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। नेपाल की संतुलित विदेश नीति के मुताबिक दोनों ही पड़ोसी देशों की चिंताओं का ध्यान रखा जाएगा। हालांकि, अभी तक नेपाल सरकार ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से नीति को लेकर संपर्क नहीं किया है।

सीमावर्ती इलाके में कई मदरसों को विदेशी फंड मिलता है

भारत से सटी सीमा पर कई ऐसे मदरसे हैं, जिन्हें कतर,सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों से फंडिंग मिलती है। इन मदरसों की बढ़ती संख्या और गतिविधियों को लेकर भारत कई बार नेपाल को सचेत कर चुका है। नेपाल की नई नीति के तहत विदेशी फंडिंग को मंजूरी देने से पहले इनके कार्यक्रमों की जांच की जा सकेगी।

नेपाल ने माना- भारत ने विदेशी फंड से चलने वाले मदरसों से आगाह किया

नेपाल ने यह माना है कि भारत ने इन मदरसों के जरिए घुसपैठ होने पर नेपाल की आंतरिक सुरक्षा प्रभावित होने के प्रति आगाह किया था। चीन से सटी सीमा पर चलने वाले एनजीओ पर भी नेपाल सरकार की पैनी नजर है। नेपाल यह नहीं चाहता कि चीन के साथ उसके रिश्ते में किसी प्रकार की खटास आए, क्योंकि चीन नेपाल में कई अहम परियोजनाओं को पूरा करने में मदद कर रहा है। एनजीओ की आड़ में चीन सीमा से तस्करी रोकने के लिए भी नेपाल कोशिश करेगा।