राजगढ़

कलेक्टर ने कृषि उद्यानकी पशुपालन मत्स्य वा सहकारिता की बैठक ली। किसानों को बताएं मिट्टी परीक्षण के महत्व: कलेक्टर।

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राजगढ़ 19 मई, 2020

कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने कृषि, उद्यानकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं दुग्ध संघ के कार्यो की समीक्षा की। समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट कक्ष में सम्पन्न हुई, जिसमें सी.ई.ओ. जिला पंचायत श्री मृणाल मीणा, सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर ने विभागों को प्राप्त आंवटन और उसके विरूद्ध लक्ष्यों की विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देष दिए कि लक्ष्यों को प्राप्त करने में बजट का सदुपयोग करें। 

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उपसंचालक कृषि ने बताया कि वर्ष 2012 से 2019 तक जिले में 81 किसानों को कस्टम हायर सेन्टर खुलवाएं है। जिनमें कृषियंत्रों पर अनुदान दिया गया है। मिट्टी परीक्षण केन्द्रों के माध्यम से किसानों के खेतों की मिट्टी में कौन से तत्व मौजूद है कौन से नही यह बताया जाता है। जिन खेतों में दो बोरी यूरिया लगता था मिट्टी परीक्षण के बाद अब उनमें एक बोरी यूरिया की मात्रा की जरूरत बताई गई है इससे किसानों को लाभ मिल रहा है। कलेक्टर ने निर्देष दिए कि जिले में अभियान चलाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण का महत्व बताया जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में दी गई अनुदान की राषि के उपरांत निरीक्षण किया जाए कि किसान को मिली राषि का सदुपयोग किया गया है कि नही।

 

 

 

 

फलोद्यान को बढ़ावा दिया जाए

कलेक्टर ने उद्यानकी विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देष दिए कि जिले में उद्यानकी विभाग अधिक से अधिक किसानों को फलोद्यान लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। जिससे उनकी अतिरिक्त आमदनी हो सके। उन्होने जिले की नर्सरियां की आय-व्यय की जांच करने के निर्देष दिए। कलेक्टर ने स्प्रिंकलर सिस्टम, पॉली हाउस, कोल्ड़ स्टोरेज आदि योजनाओं की समीक्षा की। सहायक संचालक उद्यानकी ने बताया कि खिलचीपुर में दो पोली हाउस पर 34 लाख की सब्सिड़ी दी है। जिस पर कलेक्टर ने निर्देष दिए कि पाली हाउस का लाभ किसानों को मिले यह सुनिष्चित करें।

पशुनष्ल सुधार पर जोर दे, पशु पालन विभाग

कलेक्टर ने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देष दिए कि जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए अच्छी नष्ल के पशुओं का होना जरूरी है। इसके लिए पशुओं की नष्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भधान किया जाना जरूरी है। जिले में पदस्थ सभी 20 पशुचिकित्सक इस पर विषेष ध्याद दें।

मछली पालन के लिए तालाब निर्माण पर अनुदान

सहायक संचालक मत्स्य ने समीक्षा में बताया कि जिले में किसानों को मछली पालन के लिए निजी एक हेक्टेयर तालाब पर 02 लाख 80 हजार की छूट दी जाती है। कलेक्टर ने किसानों को मछली बीज उपलब्ध कराने के निर्देष दिए। बैठक में सहकारिता विभाग के कार्यो की भी समीक्षा की गई।